अल्को-स्पिरिच्युअल कॅम्प्स
मद्यपाश दुनिया की तीसरी सबसे घातक बीमारी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आधिकारिक तौर पर मद्यपाश को एक बीमारी घोषित कर दिया है.
अल्को-स्पिरिच्युअल कॅम्प मद्यमुक्ती को मजबूत करने का एक मार्ग है.
यह घातक बीमारी किसी भी परिवार में प्रवेश कर सकती है.
यह घातक बीमारी प्रेम, रिश्ते, शांति, पारिवारिक बंधन और सामाजिक संबंधों को नष्ट कर सकती है.
अल्को-स्पिरिच्युअल कॅम्प उन लोगों के लिए आयोजित किए जाते हैं जिन्होंने एल्को-स्पिरिच्युअल कोर्स का स्तर 3 पूरा कर लिया है..
ये कॅम्प्स मद्यमुक्ती के मार्ग पार चालनेवाले मद्यमुक्त व्यक्ती और उनके परिवार के सदस्यों को
एआरपी (सक्रिय पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम) के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए शक्ति, आशा और साहस प्रदान करते हैं.
कॅम्प कन्टेन्ट : प्रारंभिक प्रार्थना | मद्यपाश बिमारी का परिचय | तथ्य और सत्य |
व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक संबंधों, सामाजिक जुड़ाव, राष्ट्रीय एकता पर प्रभाव |
मद्यमुक्ती के मार्ग पर चलनेवालों का अनुभव कथन | अनुभवी मद्यमुक्त शराबियों का मार्गदर्शन
मद्यमुक्ती के मार्गावर चलनेवालों के परिवार सदस्यों का अनुभव कथन | हितचिंतक, डॉक्टर,
मानसोपचारत्ज्ञ एवं मद्यमुक्ति में सहायता करने वाले व्यक्तियों का मार्गदर्शन
कॅम्प कालावधी : 2 दिन और 3 रातें, भोजन, आवास और चुनिंदा स्थल दर्शन सहित